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पंजाब में ठंड: बिजली खपत में रिकाॅर्ड वृद्धि, मुफ्त योजना ने भी बढ़ाई परेशानी; सरकार पर सब्सिडी का बोझ

पंजाब में इस साल कड़ाके की ठंड के बावजूद बिजली की खपत में रिकार्ड वृद्धि देखी गई है। नवंबर और दिसंबर में बिजली की खपत में क्रमशः 5% और 4% का इजाफा हुआ है जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी ज्यादा है। पावरकाॅम अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले 2025-26 में नवंबर में खपत 4206 मिलियन यूनिट (एमयू) से बढ़कर 4406 एमयू तक पहुंच गई। इसी तरह दिसंबर में यह आंकड़ा 3252 एमयू से बढ़कर 3394 एमयू हो गया। बिजली की अधिकतम मांग में भी वृद्धि देखी गई है। नवंबर में 9% और दिसंबर में 6% की बढ़ोतरी हुई है। नवंबर में अधिकतम मांग 8962 मेगावाट से बढ़कर 9808 मेगावाट हो गई, वहीं दिसंबर में 9557 मेगावाट से यह 10164 मेगावाट तक पहुंच गई।

मुफ्त बिजली योजना से बढ़ी खपत

पंजाब सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के बाद से खपत में लगातार वृद्धि हो रही है। इस योजना के कारण लगभग 90% खपतकारों के बिजली बिल जीरो हो रहे हैं, जिससे लोग एक ही घर में दो-दो कनेक्शन लेने लगे हैं। इसके कारण गीजर और हीटर जैसे उपकरणों का अधिक इस्तेमाल हो रहा है। इस सर्दी में सूखा मौसम और धुंध के कारण सोलर एनर्जी का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है, जिसके चलते पावरकाम को थर्मल प्लांट्स चलाने पड़ रहे हैं।

बिजली उत्पादन पर दबाव बढ़ा

पंजाब के बढ़ते बिजली मांग के मद्देनजर इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल ने सरकार से मांग की है कि रोपड़ में 800-800 मेगावाट के दो सुपर क्रिटिकल यूनिट्स लगाए जाएं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो पंजाब को महंगे दामों पर बिजली बाहर से खरीदनी पड़ेगी, जिससे सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पंजाब पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और बिजली सब्सिडी के कारण सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।

आगे की राह मुश्किल

पंजाब की सरकार को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि बढ़ती मांग को सही तरीके से पूरा किया जा सके। सरकार को बिजली की बढ़ती खपत और सब्सिडी की समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करना होगा।

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