Array ( [data] => ) अमित शाह का विपक्ष पर पलटवार- चर्चा करो, सरकार के पास छिपाने को कुछ नहीं – Alam E Tasveer
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अमित शाह का विपक्ष पर पलटवार- चर्चा करो, सरकार के पास छिपाने को कुछ नहीं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दे पर हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और चर्चा होने पर देश की जनता के सामने पूरी सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। शाह ने संसद परिसर में कहा कि सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने कक्ष में मौजूद रहते हैं, लेकिन विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है। उन्होंने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उसे तय करना है कि वह चर्चा चाहता है या हंगामा। गृह मंत्री ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार छात्रों से जुड़े विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि चर्चा का समय तय किया जाए, विपक्ष भी अपनी बात रखे और वह सदन में बैठकर सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। शाह ने यह भी कहा कि वह केवल छात्रों के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले अन्य सवालों पर भी जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि चर्चा के जरिए यह साफ होना चाहिए कि आखिर वास्तविक स्थिति क्या है और किसकी क्या जिम्मेदारी बनती है। वहीं विपक्ष ने गृह मंत्री के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी प्राथमिकता भाषण या लेक्चर सुनना नहीं, बल्कि छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करना है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया था।

राहुल गांधी ने कहा कि यदि आदेश गृह मंत्री ने दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह उनकी प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने दोनों परिस्थितियों में शाह के इस्तीफे की मांग की। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी शाह के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि देश इस समय भाषण सुनने के मूड में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा के लिए समय-सीमा तय करके वास्तविक जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि छात्रों पर कार्रवाई और अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दे गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में केवल औपचारिक बयान नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है। दरअसल, संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था। सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहा है। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई, नीट से जुड़े सवाल और अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। सरकार का कहना है कि वह छात्रों से जुड़े विषय पर चर्चा कराने और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के लिए तैयार है। वहीं विपक्ष इन मुद्दों को अलग-अलग करके देखने के बजाय अपनी सभी मांगों पर एक साथ चर्चा और जवाब की मांग कर रहा है। इसी मतभेद के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को लेकर सहमति बनती है या संसद का मानसून सत्र हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ता है।

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