उत्तराखंड खेल महाकुंभ: ग्राम स्तर से शुरू होगी प्रतिभा की तलाश, राज्य स्तर तक पहुंचेंगे खिलाड़ी – Alam E Tasveer
Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

उत्तराखंड खेल महाकुंभ: ग्राम स्तर से शुरू होगी प्रतिभा की तलाश, राज्य स्तर तक पहुंचेंगे खिलाड़ी

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले धामी सरकार ने खेल महाकुंभ के जरिए प्रदेश के दो लाख से अधिक युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस आयोजन के माध्यम से युवाओं तक ग्राम, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर पहुंचने की तैयारी कर रहा है। सरकार का लक्ष्य खेल महाकुंभ को बड़े स्तर पर आयोजित कर अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रदेशभर में रजिस्ट्रेशन अभियान चलाया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक लक्ष्य व दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा खेल महाकुंभ

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की निदेशक दीप्ति सिंह के अनुसार, खेल महाकुंभ की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 1 सितंबर को टनकपुर से खेल महाकुंभ का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद प्रदेशभर में एक महीने तक विभिन्न स्तरों पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। खेल महाकुंभ 1 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा।

गांव से राज्य स्तर तक प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

उत्तराखंड में खेल महाकुंभ केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य गांवों और दूरदराज के इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। ग्राम स्तर पर शुरू होने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी न्याय पंचायत, विकासखंड, तहसील और जिला स्तर तक पहुंचेंगे। इसके बाद चयनित और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस आयोजन से ऐसे खिलाड़ियों को भी मंच मिल सकेगा, जो संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण अभी तक बड़े स्तर पर अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाए हैं।

अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी पर जोर

इस बार सरकार की कोशिश पिछले आयोजनों की तुलना में खेल महाकुंभ में कहीं अधिक युवाओं को शामिल करने की है। इसके लिए विभाग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर युवाओं को खेलों से जोड़ने और रजिस्ट्रेशन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। आयोजन के जरिए युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ प्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं की पहचान करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से भी अहम आयोजन

प्रदेश में दो लाख से अधिक युवाओं को खेल महाकुंभ से जोड़ने का लक्ष्य ऐसे समय में सामने आया है, जब युवाओं से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। जैनजी आंदोलन के दौरान भी बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी और उनके मुद्दों को लेकर सामने आए आक्रोश के बाद सरकार का यह व्यापक अभियान राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खेल महाकुंभ के माध्यम से गांव से लेकर जिला स्तर तक युवाओं को एक मंच पर लाने की तैयारी है। अब विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तय लक्ष्य के अनुसार दो लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *