रोहतक:- हरियाणवी गायक, अभिनेता और मॉडल दिलेर खरकिया के खरक गांव स्थित घर के बाहर खड़ी उनकी रेंज रोवर गाड़ी पर फायरिंग के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर धमकी और ऑडियो वायरल होने के साथ ही गानों को लेकर चल रहा विवाद भी सामने आया है। पुलिस रंगदारी मांगने और सोशल मीडिया पर सामने आई जिम्मेदारी, दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है। वीरवार रात करीब साढ़े 11 बजे दिलेर खरकिया के घर के बाहर खड़ी रेंज रोवर पर गोली चलाई गई। फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित ने सोशल मीडिया के जरिए ली है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच के लिए पुलिस की करीब छह टीमें लगाई गई हैं।
करीब छह महीने पहले रंगदारी मांगने की बात भी आई सामने
फायरिंग के बाद जांच में यह बात भी सामने आई है कि दिलेर खरकिया से करीब छह महीने पहले कथित तौर पर रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। घटना के बाद खरकिया के घर और फार्म हाउस पर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि खरकिया ने पहले भी अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से अनुरोध किया था। अब फायरिंग और धमकी से जुड़े इनपुट सामने आने के बाद पुलिस उनके परिवार और संपत्तियों की सुरक्षा पर विशेष नजर रख रही है।
फायरिंग से दो दिन पहले सामने आया था गानों का विवाद
फायरिंग की घटना से दो दिन पहले दिलेर खरकिया के भाई केहर खरकिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर गाना खरीदने को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र किया था। केहर के मुताबिक, उन्होंने जितेंद्र खटाना से 7 लाख रुपये में ‘मेरे बाबू’ गाना खरीदा था। इसके साथ पांच अन्य गानों का ऑडियो भी दिए जाने की बात कही गई थी। केहर का आरोप है कि गाना ट्रांसफर करने में काफी समय लगा और दस्तावेजों में राइटर विपिन के हस्ताक्षर को लेकर विवाद पैदा हुआ। उनका दावा है कि फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों के जरिए गाना ट्रांसफर किया गया। इस मामले को लेकर कोर्ट में भी विवाद चल रहा है। वहीं, जितेंद्र खटाना की ओर से सोशल मीडिया पर अलग दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें भुगतान नहीं मिला है और यदि भुगतान किया गया है तो उसका प्रमाण दिखाया जाए। इस तरह गाने की खरीद और भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं।
अनिल पंडित की भूमिका को लेकर पुलिस जांच जारी
पुलिस फायरिंग मामले में सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट और ऑडियो की भी जांच कर रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फायरिंग करने वाले संदिग्ध की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। घटनास्थल से एफएसएल टीम ने एक गोली का खोल बरामद किया है। पुलिस खरकिया के परिवार से जुड़े संभावित विवादों और हाल में सामने आए अन्य मामलों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
अनिल पंडित पर कई मामले दर्ज होने का दावा
पुलिस जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, पानीपत के रायर कलां गांव निवासी अनिल पंडित वर्ष 2022 में नौकरी की तलाश में दुबई गया था। इसके बाद वह कथित तौर पर डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात गैंगस्टर रणदीप मलिक से होने की बात सामने आई। बताया गया है कि शुरुआत में दोनों ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े और बाद में संगठित अपराध से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे। अनिल पंडित के खिलाफ हत्या, रंगदारी और हत्या के प्रयास समेत करीब 10 प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
सितंबर 2026 में हरियाणा एसटीएफ की ओर से चार फरार गैंगस्टरों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित करने का प्रस्ताव भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। इनमें हिमांशु भाऊ, रोहित गोदारा, रणदीप मलिक और अनिल पंडित के नाम शामिल बताए गए थे। फिलहाल दिलेर खरकिया के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल से मिले साक्ष्य, सोशल मीडिया पोस्ट और कथित रंगदारी से जुड़े इनपुट की पड़ताल के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।