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पहलगाम हमले के बाद भी LOC पर पाक की नापाक हरकतें जारी, नागरिकों को निशाना बना रहा

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से ही एलओसी और भारतीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से बेवजह फायरिंग जारी थी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद तो सीधे नागरिकों को निशाना बनाते हुए भारी गोलाबारी की जा रही है। गुरुवार रात जम्मू एवं कश्मीर के सीमावर्ती कस्बे में पाकिस्तान की ओर से बिना उकसावे के की गई गोलाबारी में वाहनों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में नागरिक के घरों को नुकसान पहुंचा।जम्मू-कश्मीर के एक सीमावर्ती गांव के एक स्थानीय ने कहा, “कल रात जब हमने अपनी दुकान बंद की, तो गोलाबारी शुरू हो गई। आज सुबह मैंने देखा कि मेरी दुकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। ये बहुत ही बुरा हुआ है। यह मान लीजिए एक तरह से नागरिकों की लक्षित हत्या जैसा है।” पाकिस्तान की ओर से वीरवार रात को किए गए हमले के बाद सुरक्षा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान सीमा और नियंत्रण रेखा से सटे गांवों को खाली करा दिया है। गांव मकवाल और मकवाल कैंप के लोगों को फ्लायं मंडाल में ठहराया गया है। गोलपत्तन, कानाचक, दयाैड़ा नपू, नई बस्ती, सांदवां सहित अन्य गांवों के लोगों नागबनी में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। खाैड़, पुंछ और नाैशेरा से आ रहे लोगों को मिश्रीवाला में ठहराया गया है।

पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों की कायराना हरकत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से उन्हें जवाब दिया। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार के आतंकी शिविरों पर हमले से बौखलाई पाकिस्तानी सेना लगातार नागरिक इलाकों को निशाना बना रही है। मंगलवार देर रात हमले के बाद बुधवार देर रात भी पीओके से तंगधार और उड़ी सेक्टर में गोलाबारी की गई। गोलाबारी के दौरान लोग बंकरों में छिपे थे। वीरवार सुबह जब वह निकले तो अपने उजड़े आशियानों को देख रोना आ गया। पाकिस्तान को कोसा भी। उन्होंने बताया कि रात धमाकों की आवाज से वह सिहरते रहे। पता नहीं क्या होगा। जान किसी तरह बची है। पाकिस्तानी सेना के ताजा हमले में उड़ी सेक्टर के सीमा से लगे गांवों में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए, वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। अभी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

तंगधार में गोलीबारी से कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि बुधवार को ही अधिकतर लोग सीमावर्ती क्षेत्रों से चले कर गए थे। मंगलवार देर रात हुई गोलीबारी में सबसे ज्यादा नुकसान कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में हुआ था। उस दौरान करीब 100 मकान, दुकानें और अन्य निर्माण क्षतिग्रस्त हुए थे। करीब 40 वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने जिन नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, उनमें तंगधार सेक्टर की घनी आबादी वाले इलाके शमसपोरा, बागबेला, त्रिबुनि, दिलदार, भटपोरा, नवगाबरा और आसपास के गांव शामिल हैं। त्रिबुनिमें सीधे हमलों से आग लगने के बाद कई घर पूरी तरह जल गए। तंगधार में वीरवार को क्षतिग्रस्त घर देखने आए परमेंदर सिंह से बताया कि हमारे मोहल्ले में 10 घर पूरी तरह जल गए हैं। रात करीब एक बजे गोलाबारी शुरू हुई, जो सुबह करीब 5:30 बजे तक जारी रही। वहीं, उड़ी में भी बुधवार देर रात गोलाबारी हुई। गोलाबारी में कई वाहन और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ मकानों में आग भी लग गई। सेना और स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को ही क्षेत्र से काफी लोगों को हटा दिया था। अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।   स्थानीय निवासी तारिक अहमद ने बताया कि वह बंकर में थे। हमले में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि गोलाबारी के धमाकों से हमारा घर हिल रहा था। हम मुश्किल से बचे। तहसीलदार करनाह मोहम्मद अमीन भट का कहना है कि हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं। अस्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां लोगों को भेजा गया है। बाकी को भी भेजा जा रहा है।

सीमावर्ती नागरिक क्षेत्रों पर पाकिस्तान की गोलाबारी से क्षेत्र में आग लगने का खतरा है। इससे बचाव के लिए अग्निशमन विभाग ने दमकलों को तैनात किया है। फायर एंड इमरजेंसी ऑफिसर शबीर उल हसन ने बताया, श्रीनगर, बारामुला, सोपोर और पट्टन से एक-एक वाहन बुलाया है। क्षेत्र में भारी गोलीबारी के कारण पांच वाहनों को अलर्ट पर रखा गया है। स्थिति पर काबू पाने के लिए प्रशासन सतर्क है। पाकिस्तान की हिमाकत से राजोरी के लोगों में भारी गुस्सा है। वीरवार को यहां शांति तो रही, मगर लोग तनाव में भी दिखे। हालांकि, सेना के साथ खड़े रहने का जोश उनमें बरकरार है। यहां से कई लोग अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। राजोरी के डूंगी ब्लॉक के धारासांवला गांव से करीब सात परिवारों के 30 लोगों को दलोगड़ा गांव में शिफ्ट किया गया है। वहीं, उदर डूंगी ब्लॉक के शाहपुर गांव के लोग पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी से बिना डरे अपने गांव में ही है। इन लोगों का कहना है कि यदि सेना के जवान अपने घर छोड़ कर हमारी रक्षा के लिए यहां खड़े हैं तो हम क्यों अपने घर छोड़ कर कहीं और जाएं। हम यहीं सेना के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। लोगों ने भारत सरकार और सेना का कड़ा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान पर तब तक लगातार हमले किए जाएं, जब तक तक उसकी धरती से आतंकवाद का पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता।

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