
उत्तराखंड में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज बदलने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून कई राज्यों की ओर तेजी से बढ़ सकता है, जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने 23 मई को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में 23 मई को गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कई पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
IMD का कहना है कि फिलहाल मानसून आने में अभी कुछ समय बाकी है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी वजह से प्रदेश में अचानक मौसम बदलने, तेज बारिश और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। उत्तराखंड में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज बदलने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून कई राज्यों की ओर तेजी से बढ़ सकता है, जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने 23 मई को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में 23 मई को गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कई पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। IMD का कहना है कि फिलहाल मानसून आने में अभी कुछ समय बाकी है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी वजह से प्रदेश में अचानक मौसम बदलने, तेज बारिश और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और आसपास के पर्वतीय इलाकों में मौसम पहले ही करवट ले चुका है। इसका असर अब उत्तराखंड में भी दिखाई देने लगा है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच बारिश से लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन तेज आंधी और ओलावृष्टि जनजीवन को प्रभावित भी कर सकती है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और आसपास के पर्वतीय इलाकों में मौसम पहले ही करवट ले चुका है। इसका असर अब उत्तराखंड में भी दिखाई देने लगा है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच बारिश से लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन तेज आंधी और ओलावृष्टि जनजीवन को प्रभावित भी कर सकती है।