देहरादून:- शहर की खराब सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद देहरादून की सड़कों को गड्ढामुक्त करने और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्माणदायी संस्थाओं को सड़क मरम्मत के लिए स्पष्ट समयसीमा दी है। वहीं नगर निगम ने खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने के लिए विशेष टीमें मैदान में उतार दी हैं।
15 सितंबर से शुरू होगा सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान
मानसून समाप्त होने के बाद 15 सितंबर से देहरादून जिले में सड़कों की मरम्मत का अभियान व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा। इसके लिए निर्माणदायी एजेंसियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का सर्वे पूरा कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, कई क्षेत्रों में सड़क मरम्मत से संबंधित टेंडर प्रक्रिया भी जारी है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि 30 अक्टूबर से पहले जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त और आवागमन के लिए सुगम बनाया जाए। प्रशासन का फोकस सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों और आम लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने पर है।
देहरादून में 1.14 लाख से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें
सड़क व्यवस्था के साथ-साथ शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को भी दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। नगर निगम देहरादून के क्षेत्र में कुल 1,14,171 स्ट्रीट लाइटें स्थापित हैं। इनमें से अब तक 169 स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायतें प्रशासन और नगर निगम को प्राप्त हुई हैं। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए नगर निगम ने अलग-अलग इलाकों में 40 विशेष टीमें तैनात की हैं।ये टीमें अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर खराब लाइटों की जांच कर रही हैं। जहां मरम्मत संभव है, वहां लाइट ठीक की जा रही है और जरूरत पड़ने पर खराब उपकरणों को बदला भी जा रहा है।
मसूरी डायवर्जन से आईएसबीटी तक स्ट्रीट लाइटों की जांच
नगर निगम की टीमों ने मंगलवार को शहर के कई प्रमुख मार्गों और इलाकों में खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया। अभियान के तहत मसूरी डायवर्जन, बड़ोवाला, सर्वे ऑफ इंडिया कैंपस, कमला पैलेस से शिमला बाईपास, हरिद्वार बाईपास, सहस्रधारा क्रॉसिंग से आईटी पार्क रोड, आईएसबीटी-निरंजनपुर, दर्शनलाल चौक, सुभाष रोड-रेसकोर्स और फव्वारा चौक-नेहरू कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में काम किया गया। प्रशासन का कहना है कि खराब स्ट्रीट लाइटों की शिकायत मिलने के बाद उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जा रहा है।
रात में भी सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की निगरानी
शहर की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया है। जिलाधिकारी ने सोमवार को स्ट्रीट लाइट, गार्बेज प्वाइंट, मोटर मार्ग, फूड सेफ्टी और विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए अलग-अलग जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित की। प्रत्येक टास्क फोर्स में 20-20 जिला स्तरीय अधिकारियों को शामिल किया गया है। ये अधिकारी दिन के साथ-साथ रात में भी विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। रात के निरीक्षण के दौरान स्ट्रीट लाइट, सड़क, खाद्य सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर अधिकारी मौके की फोटो और गूगल लोकेशन संबंधित विभाग को भेज रहे हैं। इसका उद्देश्य शिकायत या समस्या को दर्ज करने से लेकर उसके समाधान तक की प्रक्रिया को तेज करना है।
दैनिक रिपोर्ट से तय हो रही कार्रवाई की प्राथमिकता
टास्क फोर्स की ओर से तैयार की जा रही दैनिक रिपोर्ट के आधार पर सामने आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता के साथ संबंधित विभागों से दूर कराया जा रहा है। प्रशासन की रणनीति में दिन के समय सड़कों की मरम्मत और रात में शहर की व्यवस्थाओं की निगरानी को शामिल किया गया है। इससे सड़क, यातायात और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर विभागों की जवाबदेही तय करने के साथ-साथ उनके समाधान की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य तय समयसीमा में देहरादून की सड़कों को बेहतर बनाने के साथ शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को भी प्रभावी करना है।