देहरादून:- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रेस वार्ता कर वंदे मातरम, कांग्रेस के 1937 के प्रस्ताव और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए वंदे मातरम महज एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन और क्रांतिकारियों के बलिदान का प्रतीक है। महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक गलतियों को दोहराने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का 1937 का प्रस्ताव देश के बंटवारे की सोच को बढ़ावा देने वाला था। उन्होंने कहा कि जिस तरह मोहम्मद अली जिन्ना ने वंदे मातरम का विरोध किया था, उसी तरह कांग्रेस भी अब इसका विरोध कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संविधान की कॉपी लेकर चलने वाली कांग्रेस कथित तौर पर एक वर्ग विशेष के तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने वंदे मातरम को धर्म से ऊपर माना था, लेकिन कांग्रेस ने गांधी जी के नाम पर वोट तो लिए, उनकी विचारधारा को आगे नहीं बढ़ाया।
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को समान दर्जे का किया गया था
महेंद्र भट्ट ने कहा कि 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को समान दर्जा दिया था। इसके बावजूद पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि इस बार 15 अगस्त को पहली बार लाल किले से राष्ट्रगीत को उसका खोया हुआ सम्मान मिला। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी सबसे पहला प्रस्ताव राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर पारित किया गया। भट्ट ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रगीत को किसी भी दबाव के आगे झुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस या किसी भी राजनीतिक दल का प्रस्ताव देश की संसद से ऊपर नहीं हो सकता।
वंदे मातरम को लेकर भाजपा चलाएगी जन जागरण अभियान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने वंदे मातरम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जन जागरण अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि जिस राष्ट्रगीत ने स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी, उसका अपमान करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बेहतर होगा कि वह अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्वतंत्रता आंदोलन के इस गीत को गाने के लिए प्रेरित करें। महेंद्र भट्ट ने कहा कि राष्ट्रगीत का अपमान देश का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि वंदे मातरम देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और इसे लेकर भाजपा का जन जागरण अभियान आगे भी जारी रहेगा।