मानसून में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा? हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया सतर्क

दिल्ली-NCR में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। बदलते मौसम और मानसून के बीच विभाग ने लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के डीजीएचएस डॉ. मनीष बंसल के अनुसार, एच1एन1 को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। लोगों से फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है। गुरुग्राम में इस साल एच1एन1 के मामलों में अगस्त के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में अब तक 7 मामले सामने आए हैं, जो 2026 में किसी एक महीने में सबसे अधिक हैं। जनवरी से अगस्त 2026 तक गुरुग्राम में कुल 21 एच1एन1 मामले दर्ज किए गए हैं। जनवरी, मार्च, जून और जुलाई में 3-3 मामले सामने आए, जबकि फरवरी में 2 मामले दर्ज हुए थे। अप्रैल और मई में कोई मामला सामने नहीं आया था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के दौरान नमी और मौसम में बदलाव से इन्फ्लुएंजा वायरस के फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। हालांकि, अभी उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किसी बड़ी या लंबे समय तक चलने वाली संक्रमण की लहर की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी। दिल्ली में इस साल एच1एन1 के मामलों का आंकड़ा 1,777 तक पहुंच चुका है। 20 अगस्त को ही दिल्ली में 114 नए मामले दर्ज किए गए थे। दिल्ली के मुकाबले हरियाणा में फिलहाल मामले काफी कम हैं, लेकिन गुरुग्राम में अगस्त के दौरान बढ़ोतरी को स्वास्थ्य विभाग निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एच1एन1 के प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या नाक बंद होना, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, कमजोरी तथा भूख कम लगना शामिल हैं। कुछ मरीजों में जी मिचलाना, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं।

सांस लेने में परेशानी या तबीयत लगातार बिगड़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1 के लक्षण सामान्य मौसमी फ्लू से मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षणों में डॉक्टर की सलाह जरूरी है। डीजीएचएस डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि जिन लोगों में बुखार, खांसी या छींक जैसे लक्षण हैं, उन्हें सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। इससे संक्रमण दूसरे लोगों तक पहुंचने का खतरा कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे मरीजों को घर पर आराम करने की सलाह दी है। डॉ. बंसल के अनुसार, मरीजों को 2 दिन घर पर आराम करना चाहिए और अगर तबीयत ठीक महसूस न हो तो तीसरे दिन अस्पताल में चेकअप करवाना चाहिए। डायबिटीज या किसी क्रोनिक बीमारी से जूझ रहे लोगों को संक्रमण की स्थिति में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे लोगों में बीमारी गंभीर होने का जोखिम अधिक हो सकता है, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खांसते और छींकते समय रूमाल या कपड़े से मुंह और नाक ढकने की सलाह दी है। इसके अलावा हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोने, पर्याप्त पानी पीने और पौष्टिक भोजन लेने पर भी जोर दिया गया है। लोगों को पर्याप्त नींद लेने और शरीर को आराम देने की सलाह दी गई है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए हाथ मिलाने या अन्य शारीरिक संपर्क वाले अभिवादन से बचने तथा सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की अपील भी की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां लेने से भी बचने को कहा है। अगर स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से संपर्क कर आवश्यक जांच और उपचार करवाना बेहतर है। हरियाणा सरकार की ओर से एच1एन1 से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग का कहना है कि सावधानी, व्यक्तिगत स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह के जरिए संक्रमण के प्रसार के जोखिम को कम किया जा सकता है। जनवरी से अगस्त तक सामने आए 21 मामलों और अगस्त में दर्ज 7 मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है। दिल्ली-NCR में बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है, खासकर एनसीआर से जुड़े जिलों में।

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