उत्तराखंड सरकार महिला एवं बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आ रही है। इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण योजनाओं, बच्चों के स्वास्थ्य, आधार और आभा आईडी, पोषाहार वितरण तथा रिक्त पदों पर भर्ती सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत प्रत्येक बच्चे का हर महीने अनिवार्य रूप से वजन किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमित वजन से कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की समय रहते पहचान हो सकेगी। इसके बाद उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न पोषण योजनाओं का लाभ देकर स्वस्थ बच्चों की श्रेणी में लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने टेक होम राशन (THR) वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के माध्यम से वितरित किए जाने वाले पोषाहार का पूरा डेटा अनिवार्य रूप से FRS ट्रैकर में दर्ज किया जाए। उनका कहना था कि इससे राज्य का रिकॉर्ड बेहतर होगा और केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।
बैठक में मंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ड्यूटी लगी हुई है। इसके कारण कुछ स्थानों पर केंद्रों में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं हो रही है और विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यकत्रियां कार्य दिवस के दौरान कम से कम एक घंटा आंगनबाड़ी केंद्र में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और विभागीय कार्यों का नियमित संचालन सुनिश्चित करें।
रेखा आर्या ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार कार्ड और आभा आईडी एक माह के भीतर तैयार करा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा। बैठक के दौरान मंत्री ने प्रदेश में 438 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2773 सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए। उनका कहना था कि रिक्त पद भरने से आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली मजबूत होगी और बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। बैठक के अंत में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ हर पात्र लाभार्थी तक समय पर पहुंचना चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से लापरवाही, अनियमितता या कार्यों में हीलाहवाली पाई गई तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।