उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले तीन-चार दिनों से राज्य के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है और मौसम विभाग के अनुसार 4 जुलाई को भी पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 8 जुलाई तक प्रदेश में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। लगातार हो रही बारिश के कारण अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा पर भी दिखाई दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेष रूप से केदारनाथ और बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह चट्टानें और मलबा गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जिसके चलते हाल के दिनों में यात्रा को कुछ समय के लिए रोकना भी पड़ा था। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार मार्गों को साफ करने में जुटी हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित तरीके से जारी रह सके। राज्य सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले सभी श्रद्धालुओं से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार 5, 6, 7 और 8 जुलाई तक भी उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज बौछारें, गर्जन और बिजली चमकने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं, इसलिए पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।