पंजाब के बॉर्डर इलाकों के स्कूलों पर NHRC की नजर, विद्यार्थियों की भागीदारी को लेकर मांगी रिपोर्ट – Alam E Tasveer
Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

पंजाब के बॉर्डर इलाकों के स्कूलों पर NHRC की नजर, विद्यार्थियों की भागीदारी को लेकर मांगी रिपोर्ट

पंजाब:-  पंजाब के सीमावर्ती और दूरदराज इलाकों के कुछ सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह सरकारी निर्देशों के मुताबिक आयोजित नहीं किए जाने के आरोपों पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की शिकायत के आधार पर पंजाब सरकार से चार सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने को कहा है।  शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के कुछ क्षेत्रों समेत कई सरकारी स्कूलों में 15 अगस्त के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की अपेक्षित भागीदारी नहीं रही। आरोपों के अनुसार, कुछ जगहों पर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और स्वतंत्रता संग्राम, संवैधानिक मूल्यों, मौलिक कर्तव्यों व राष्ट्रीय जिम्मेदारियों से जुड़ी गतिविधियां निर्धारित तरीके से नहीं हुईं।

NHRC ने पंजाब सरकार से मांगा पूरा ब्योरा

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामले की जांच और तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग यह स्पष्ट करना चाहता है कि क्या ग्रामीण, दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शहरी और बेहतर संसाधनों वाले स्कूलों के बच्चों के समान अवसर मिले थे। आयोग ने सरकार से यह भी पूछा है कि स्वतंत्रता दिवस 2026 से संबंधित सरकारी निर्देश सभी सरकारी स्कूलों तक पहुंचाए गए थे या नहीं। इसके साथ ही निर्देशों के पालन की निगरानी के लिए बनाई गई व्यवस्था और नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा गया है।

स्कूल स्तर तक सत्यापन के निर्देश

NHRC ने स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से राज्य, जिला और स्कूल स्तर पर सत्यापन कराने को कहा है। रिपोर्ट में पंजाब के कुल सरकारी स्कूलों की संख्या और 15 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित करने वाले स्कूलों की संख्या बताने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में यह जानकारी भी शामिल करनी होगी कि कितने स्कूलों में ध्वजारोहण और राष्ट्रगान हुआ तथा इन कार्यक्रमों में कितने विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। आयोग ने उन जिलों और स्कूलों की पहचान करने को भी कहा है, जहां स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित नहीं हुए या कार्यक्रमों को काफी सीमित कर दिया गया। ग्रामीण, दूरदराज और सीमावर्ती स्कूलों को अलग से चिन्हित करने के साथ गैर-अनुपालन के कारण भी बताने होंगे।

ग्रामीण और सीमावर्ती स्कूलों में समान अवसर की जांच

आयोग ने विशेष रूप से यह जांच करने को कहा है कि शहरी और ग्रामीण, सुगम और दूरस्थ तथा सामान्य और सीमावर्ती क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी शैक्षणिक, सांस्कृतिक और नागरिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसरों में कोई बड़ा अंतर तो नहीं था। NHRC ने फिलहाल आरोपों की सत्यता और संभावित असमानता को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। सरकार की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आयोग मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।

शिक्षा विभाग ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, पंजाब शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। अधिकारी का दावा है कि राज्य के सभी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था और विभाग के पास कार्यक्रमों की तस्वीरों के रूप में इसका रिकॉर्ड मौजूद है।

‘देश को तिरंगा पंजाबियों ने ही दिलवाया’: भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाबियों को देशभक्ति का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने गुलामी की बेड़ियों से देश को मुक्त कराने में बड़ी कुर्बानियां दी हैं और स्वतंत्रता आंदोलन में पंजाब का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। मान ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व पंजाब के योगदान के बिना नहीं समझे जा सकते। उन्होंने NHRC की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जताई चिंता

वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सीमावर्ती क्षेत्रों के कुछ गांवों के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह नहीं होने की रिपोर्ट पर चिंता जताई है। रंधावा ने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए थे, तो पंजाब सरकार को इसकी स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई सुरक्षा खतरा था तो वह क्या था और विद्यार्थियों तथा स्कूल स्टाफ की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे मामलों में केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। रंधावा ने सरकार से मामले में पारदर्शिता बरतने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *