रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की याचिका पर HC में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित – Alam E Tasveer
Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की याचिका पर HC में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

उत्तराखंड हाईकोर्ट में मंगलवार, 3 नवंबर को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की याचिका पर अहम सुनवाई हुई। याचिका में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।

गिरधारी लाल साहू ने मुकदमे को बताया निराधार

सुनवाई के दौरान गिरधारी लाल साहू की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत में दलील दी कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा निराधार है और लगाए गए आरोप गलत तथ्यों पर आधारित हैं। याचिका में कहा गया कि उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी और तब से वे अपनी पत्नी के साथ रह रहे हैं। उनके अनुसार, शादी के करीब 22 वर्षों के दौरान दोनों के बीच इस तरह का कोई विवाद नहीं रहा। याचिकाकर्ता ने खुद को अविवाहित बताकर शादी करने और पहले से शादीशुदा होने के आरोपों को गलत बताया। इसके साथ ही कंपनियों के निदेशक पद से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए हटाने, जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने संबंधी आरोपों को भी खारिज किया।

210 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर जांच की मांग

याचिका में यह दावा भी किया गया कि रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद उनके द्वारा कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की गई है। याचिकाकर्ता ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। गिरधारी लाल साहू की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में कोई आधार नहीं है, इसलिए उसे निरस्त किया जाए और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।

रेखा आर्या की ओर से याचिका का विरोध

वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से याचिका का विरोध किया गया। उनकी तरफ से अदालत में कहा गया कि गिरधारी लाल साहू लगातार उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं और इसके पीछे उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने की मंशा है। मंत्री की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि उनके पति ने उन्हें सभी कंपनियों से हटा दिया है और उनके करीब 80 प्रतिशत शेयर भी बेच दिए गए हैं। इन बिंदुओं का हवाला देते हुए अदालत से गिरधारी लाल साहू की याचिका खारिज करने का अनुरोध किया गया।

साहू के अधिवक्ताओं ने आरोपों को किया खारिज

मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों के जवाब में गिरधारी लाल साहू के अधिवक्ताओं ने कहा कि उन्होंने कभी अपनी पत्नी को डराया या धमकाया नहीं है। उनके अनुसार, सभी कंपनियों में रेखा आर्या के शेयर सुरक्षित हैं और जिन कंपनियों से उन्हें हटाया गया, वह आपसी सहमति से हुआ था। इसमें किसी तरह के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल नहीं किया गया। अधिवक्ताओं ने यह भी दलील दी कि गिरधारी लाल साहू ने हमेशा अपनी पत्नी के राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने में सहयोग किया है।

हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। यह प्रकरण कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति के बीच चल रहे पारिवारिक, कारोबारी और राजनीतिक विवाद के कारण चर्चा में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *