पौड़ी में गुलदार के हमले से बच्ची की मौत पर बवाल, ग्रामीणों ने तहसीलदार-SDO को बनाया बंधक; DFO से भी धक्का-मुक्की – Alam E Tasveer
Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

पौड़ी में गुलदार के हमले से बच्ची की मौत पर बवाल, ग्रामीणों ने तहसीलदार-SDO को बनाया बंधक; DFO से भी धक्का-मुक्की

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार के हमले में तीन साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। देवप्रयाग-पौड़ी मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण क्षेत्र में हुई इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वन्यजीवों के लगातार बढ़ते हमलों से परेशान ग्रामीण अब वन विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ खुलकर विरोध कर रहे हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे तहसीलदार और वन विभाग के एसडीओ को एक दुकान के अंदर बंद कर दिया। वहीं, ग्रामीणों और डीएफओ के बीच भी तीखी बहस के साथ धक्का-मुक्की की घटना सामने आई।

गुलदार ने तीन साल की बच्ची को बनाया निवाला

जानकारी के मुताबिक, 3 नवंबर की शाम करीब छह बजे पौड़ी के खांड्यूसैंण क्षेत्र में गुलदार ने तीन वर्षीय मासूम आरुषि पर हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को उठाकर ले गया और इस हमले में उसकी जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश फैल गया। मासूम की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है और वन्यजीवों के हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते उचित इंतजाम किए गए होते तो शायद इस तरह की दर्दनाक घटना को रोका जा सकता था।

विधायक के पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया घेराव

मासूम की मौत के बाद मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे पौड़ी के विधायक राजकुमार पोरी पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे। हालांकि, वहां पहले से मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा शांत होने के बजाय और बढ़ गया। लोगों ने विधायक का घेराव कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ ग्रामीण विधायक की गाड़ी के ऊपर भी चढ़ गए और वन विभाग तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। तनावपूर्ण माहौल के बीच विधायक काफी देर तक अपनी गाड़ी के भीतर ही बैठे रहे। रात करीब 10:15 बजे वह बाहर आए और ग्रामीणों के साथ बातचीत की। उन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति कुछ सामान्य हुई और विधायक का काफिला वहां से रवाना हो गया।

सड़क पर धरने के बाद अधिकारियों को बनाया बंधक

बुधवार सुबह ग्रामीणों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया। सुबह करीब आठ बजे ग्रामीण पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर एकत्र हुए और सड़क पर धरना देकर यातायात रोक दिया। इसके चलते मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रही और सुबह नौ बजे तक सड़क पूरी तरह बंद रही।

ग्रामीणों को समझाने के लिए पौड़ी के तहसीलदार राजेंद्र गोस्वामी और वन विभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट मौके पर पहुंचे। लेकिन अधिकारियों के पहुंचने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ। लोग अपनी सुरक्षा और गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग पर अड़े रहे।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब सुबह करीब 11:30 बजे ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों को एक दुकान के भीतर बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि केवल आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्हें क्षेत्र में गुलदार से सुरक्षा के लिए ठोस कार्रवाई चाहिए।

डीएफओ के पहुंचने पर हुई धक्का-मुक्की

तहसीलदार और एसडीओ को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव भी मौके पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने उनके सामने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और डीएफओ के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।

काफी देर तक ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद डीएफओ की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिए जाने पर ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे से दुकान में बंद दोनों अधिकारियों को बाहर निकलने दिया। हालांकि, इसके बाद भी ग्रामीणों का धरना समाप्त नहीं हुआ और सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। डीएफओ और ग्रामीणों के बीच मांगों को लेकर बातचीत जारी रही।

बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर रहे अभिभावक

खांड्यूसैंण और आसपास के गांवों में गुलदार की सक्रियता के चलते लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अपने घरों के आसपास भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।

सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों को लेकर है। अभिभावकों को डर है कि कहीं घर के आसपास या रास्ते में अचानक गुलदार हमला न कर दे। ग्रामीणों के मुताबिक, बच्चों को अकेले बाहर भेजना तक मुश्किल हो गया है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त, गुलदार को पकड़ने और आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगाए गए: DFO

इस पूरे मामले पर पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि मंगलवार रात घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वनकर्मियों की टीम लगातार गश्त कर रही है। इसके साथ ही निगरानी के लिए ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और गुलदार को पकड़ने के उद्देश्य से पिंजरा भी लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि मौके पर शूटर की टीम भी तैनात की गई है। गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने की तैयारी की जा रही है। डीएफओ के अनुसार, जरूरत पड़ने पर अंतिम विकल्प के रूप में गुलदार को मारने के आदेश भी प्राप्त हो चुके हैं।

फिलहाल खांड्यूसैंण क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एक तरफ ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की टीमें गुलदार की तलाश में जुटी हैं। अब देखना होगा कि वन विभाग की कार्रवाई से ग्रामीणों को कब तक राहत मिल पाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *